Friday, February 5, 2010

एक शाम

एक शाम तेरी आस के नाम
दूध मैं नहाई - चांदनी के नाम
झम - झम चमकती बिजुरिया
के आँचल में छुपे चाँद के नाम ।
एक शाम। बहकते कदम
महकते बदन और
लचकते यौवन के नाम।

एक शाम प्रियतम की प्रीत भरी बातें
जवानी में सुलगती सी रातें
मुहब्बत पर सुबह तक समर्पित
मीठी मनुहार को अर्पित
चंद लम्हों में सम्पूर्ण ज़िन्दगी
को जीने के नाम
पीने के नाम
एक शाम। एक शाम। एक शाम।
तेरी मोहब्बत पर मर मिटने के नाम ।

डॉ प्रियंका सोनी 'प्रीत'
mobile no. 9765399969

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