Saturday, January 31, 2009

आओ जवान आओ, तुमको जहाँ पुकारे

आओ जवान आओ, तुमको जहाँ पुकारे
धरती पे हम बिछा दें, आकाश के सितारे

राहों की सब चट्टानें, मिल जुल के तोड़ना हैं
इंसाफ की डगर को, दर-दर से जोड़ना है
इन्सान के लिए हो, इन्सान के सहारे

धरती पे हम बिछा दें, आकाश के सितारे

हिंदू हो या हो मुस्लिम, अपना हो या पराया
सबके दिलों में हो बस जय हिंद का ही नारा
हम देश के हैं रक्षक, हम देश के दुलारे

धरती पे हम बिछा दें, आकाश के सितारे

आओ जवान आओ, तुमको जहाँ पुकारे
धरती पे हम बिछा दें, आकाश के सितारे

प्रगति शर्मा 'बया'

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