Thursday, April 9, 2015

इस तरह बेकल है दिल तुझसे बिछड़ जाने के बाद
जिस तरह तड़पे है मछली रेत पर आने के बाद

दिल को बहलाना है दे दे कर तसल्ली हर तरह
जब भी मचला दिल हमारा आप के जाने के बाद

मुझ को घायल कर के क्यों लीं आपने रूसवाइयां
क़त्ल कर देते न होते ज़िक्र मर जाने के बाद

लज़्ज़ते ग़म से न थे हम आश्ना पहले हुज़ूर
ग़म से याराना हुआ है आप के आने के बाद

इश्क़  दुनियां में छुपाए से भी छुपता है कहीं
ग़ैर मुमकिन है न महके फूल खिल जाने के बाद

वो ही वो हर सू नज़र आने लगा दीवानावार
ये मिला है आशक़ी मैं हस्ती मिट जाने के बाद

जब हुआ एहसास उन को थे 'मुनव्वर' बेक़ुसूर
ग़मज़दा हैं ज़ख्मकारी दिल को पहुंचाने के बाद

मुनव्वर खान 'मुनव्वर'



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