Tuesday, February 10, 2009

जल संरक्षण

पानी की बर्बादी रोको पानी बहुत अमूल्य है
न रोकोगे बर्बादी तो बड़ी तुम्हारी भूल है

पानी जीवन इस धरती का, पानी बिन सब सूखा है
पानी से हरयाली है, पानी जीवन रेखा है
पानी गर कुछ बचा लिया, समझो सब कुछ कूल है

न रोकोगे बर्बादी तो बड़ी तुम्हारी भूल है

दो-दो- कोस से आज भी पानी लाते है कुछ गाँव में
हम खुश किस्मत हैं जो पानी बैठे मिलता छांव में
उनसे पूंछो दर्द ज़रा, जब पाँव में चुभता शूल है

न रोकोगे बर्बादी तो बड़ी तुम्हारी भूल है

पानी बिन हलधर बैठे, पानी बिन नहीं रूपता बीज
बिन पानी पैदा हो जाए, नहीं है ऐसी कोई चीज़
पानी बिन खेती क्या हो, खेतों में उड़ती धूल है

न रोकोगे बर्बादी तो बड़ी तुम्हारी भूल है

पानी की बर्बादी रोको पानी बहुत अमूल्य है
न रोकोगे बर्बादी तो बड़ी तुम्हारी भूल है

मज़हर अली 'क़ासमी'

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